June 8, 2026

एसडीएम के आश्वासन के बाद शिफन कोर्ट के बेघरों धरना स्थगित

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मसूरी। गत 23 दिनों से शहीद स्थल पर चल रहा शिफनकोर्ट से बेघर लोगों का धरना उपजिलाधिकारी नंदन कुमार के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।

पुरकुल मसूरी रोपवे योजना के अंतर्गत शिफनकोर्ट से 84 परिवारों को अगस्त 2020 में वहां हटा दिया गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्री गणेश जोशी व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता के आश्वासन के बाद भी उनके आवास नही बन पाए। हालांकि पालिका ने दो बार इसका प्रस्ताव पास किया व जिस भूमि का प्रस्ताव पास किया, उसका मंत्री गणेश जोशी ने निरीक्षण किया और उसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा उसका शिलान्यास भी किया गया। लेकिन वहां पर अभी तक एक ईंट भी नही लगी। जिस अपर  गत एक मार्च से शहीद स्थल पर अनिश्चित कालीन धरना चल रहा था। उप जिलाधिकारी कार्यालय में उपजिलाधिकारी ने एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें सभी प्रदर्शनकारियों के साथ ही नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, भाजपा के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की गई।

वार्ता के बाद एसडीएम ने शहीद स्थल पर जाकर धरना समाप्त करने का आहवान किया व आंदोलन कर रहे शिफन कोट के लोगों ने आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया।

उप जिलाधिकारी नंदन कुमार ने बताया कि हंस फाउंडेशन द्वारा आईडीएच बिल्डिंग के समीप भवनों का निर्माण किया जाएगा जिसमें नगर पालिका द्वारा भूमि को हस्तांतरित किया जाना है। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों द्वारा भूमि परीक्षण कर भवन निर्माण करने की स्वीकृति दे दी गई है। साथ ही वहां पर 70 भवनों का निर्माण किया जाना है और शिफन कोट से बेघर लोगों को वहां विस्थापित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद मोहन पेटवाल ने सभी को आश्वासन दिया कि मंत्री के प्रयासों के बाद हंस फाउंडेशन द्वारा भवनों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि 2012 में तत्कालीन कांग्रेस के पालिका अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव पारित कर भूमि को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था जिसके बाद से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सभी 84 मजदूरों को राहत प्रदान की गई थी व पालिका के जमीन देने के आश्वासन के बाद मंत्री जोशी ने हंस फाउंडेशन से बात कर की व वहां पर इन मजदूरों के लिए हंस कालोनी बनाने का निणर्य लिया। लेकिन अभी तक पालिका और हंस फाउंडेशन के बीच एमओयू साइन नही हुआ है। लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है व शीघ्र इनके आवास बनाये जायेंगे।

वही शिफन कोट संघर्ष समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 3 साल से संघर्ष कर रहे बेघर लोगों को न्याय मिला है और उम्मीद है कि शीघ्र ही उन्हें भवन उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भूमि का प्रस्ताव पास होगा व जमीन हंस फाउडेंशन को दी जायेगी। इसका आश्वासन पालिका अधिशासी अधिकारी ने दिया है। इस आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन 3 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि मोहन पेटवाल, अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, सतीश ढौडियाल, कुशाल राणा, आदि मौजूद रहे।

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