February 14, 2026

शह मात के खेल में अमित गुप्ता ने मारी बाजी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष बने, अब गुटबाजी थामने की रहेगी चुनौती

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मसूरी। आखिरकार शहर कांग्रेस को बड़े जद्दोजहद के बाद अध्यक्ष मिल गया है। लंबे समय से मसूरी कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर जो शह मात का खेल चल रहा था, वह अमित गुप्ता के अध्यक्ष बनते ही खत्म हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के निर्देश पर जिला कांग्रेस की अध्यक्ष लक्ष्मी कपरूवाण अग्रवाल ने मसूरी शहर अध्यक्ष पद पर अमित गुप्ता को नियुक्त कर दिया है।

दरअसल मसूरी कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अमित गुप्ता का पूर्व अध्यक्ष गौरव अग्रवाल के साथ ही पार्टी के दिग्गजों जोत सिंह गुनसोला और मनमोहन सिंह मल्ल के साथ काफी समय से शह और मात का खेल चल रहा था। जिसमे अमित गुप्ता सभी को मात देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने में सफल रहे। इस तरह कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व समर्पण का इनाम दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी कपरूवाण अग्रवाल ने अमित गुप्ता को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई दी व अपेक्षा की कि वह कांग्रेस पार्टी के सिद्धांतों के अनुरूप पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करने का कार्य करेंगे।

शहर अध्यक्ष बनने पर अमित गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है व कहा कि वह कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य करेंगे व प्रदेश व जिला कांग्रेस की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

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इस पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा सभी जगह शहर अध्यक्षों को नियुक्त कर चुकी है। लेकिन मसूरी में शहर अध्यक्ष पद को लेकर गुटबाजी चरम पर चल रही थी। जिसे देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने मसूरी में पर्यवेक्षक नियुक्त किया। जिसके बाद पर्यवेक्षक ने शहर कांग्रेस के डेलीगेट, बूथ अध्यक्षों सहित शहर के वरिष्ठ कांग्रेस जनों से वार्ता की। जिसमे अमित गुप्ता का पक्ष मजबूत रहा। जिसके बाद पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अमित गुप्ता को मसूरी शहर कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।

अमित गुप्ता के सामने होगी पार्टी की गुटबाजी को थामने की चुनौती

शहर अध्यक्ष बनने के बाद अमित गुप्ता पर मसूरी में कांग्रेस के कुनबे को बढ़ाने के साथ ही उसे एक सूत्र में बांधे रखने की बड़ी चुनौती भी रहेगी। लंबे समय से कांग्रेसियों की गुटबाजी के कारण कांग्रेस पार्टी पहले से कमजोर हुई है, जिस कारण उसे नगर निकाय के साथ ही विधानसभा चुनाव में हार का मुंह भी देखना पड़ा है। आगे कैंट के साथ ही निकाय चुनाव भी सिर पर हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखने से लगता है कि आने वाले समय में कांग्रेस में गुटबाजी और बढ़ सकती है। अमित गुप्ता पर पार्टी की नीति रीति को जन जन तक पहुंचाने के साथ ही कांग्रेसी गुटबाजी को थामने की जिम्मेदारी भी होगी।

 

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