March 5, 2024

सरकार के खिलाफ सीटू से संबद्ध यूनियनो का हल्ला बोल, श्रमिकों की मांगों को लेकर विधानसभा कूच कर किया प्रदर्शन

देहरादून। सीटू से सम्बद्ध आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन, भोजनमाता कामगार यूनियन, आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन, ई रिक्शा वर्कर्स यूनियन व रेहडी पटरी यूनियन ने सीटू के बैनर तले एल.आई.सी. कार्यालय धरमपुर में एकत्रित हो कर विधानसभा कूच किया। हालांकि पुलिस बल द्वारा प्रदर्शनकारियों को बैरीकेट्स लगा कर रोक दिया गया। जिसके बाद सीटू के कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर सड़क पर धरना दिया ।

इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त चार श्रम संहितायें बनाई गई है जो मालिको व पुंजिपतियो के पक्ष में बनाई गई है और मजदूरों को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने 26000 रु न्यूनतम वेतन करने , स्किम वर्कर्सर को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की। वही कहा कि सरकार द्वारा जनविरोधी मोटरयान अधिनियम 2023 को तत्काल वापस नही लिया जाता है तो मजदूर वर्ग इसे बर्दास्त नही करेगा ओर 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को सबक सिखाने का काम करेंगे ।

इस अवसर आशा यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि यूनियन द्वारा राज्य सरकार व केंद्र सरकार को विभिन्न ज्ञापन दिए गए किन्तु उनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है जिस कारण आशाओं में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी है। उन्होंने मांग कि की स्वास्थ्य सचिव व निदेशक द्वारा सन 2021 4000/ रु प्रति माह मानदेय करने का प्रस्ताव भेजा था उसे मंजूरी देने, समाजिक सुरक्षा, ग्रेजएटी, 26 न्यूनतम वेतन, राज्य कर्मचारी घोषित करने भविष्य निधि व ईएसआई में कवर करने सहित टिहरी सहित पांच जिलों में रुके हुए मानदेय का भुगतान करने आदि मांगे तत्काल पूरा करने की मांग की गई और 16 फरवरी 2024 की हड़ताल को सफल बनाएंगे । 

वहीं उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन की प्रांतीय महामन्त्री मोनिका ने कहा कि भोजनमाताओ को परे समय स्कूलों में रुकना पड़ता है जिससे व अन्य कार्य नही कर पाती है इसलिए उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने समाजिक सुरक्षा, ग्रेजएटी, 26 हजार न्यूनतम वेतन, करने भविष्य निधि व ईएसआई में कवर करने व पेंशन ,ग्रेजएटी का लाभ देने की मांग की व 16 फरवरी 2024 को हड़ताल में शामिल होंगी ।

इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय महामन्त्री चित्रकला ने कहा कि सरकार के मंत्री द्वारा उन्हें कलश यात्रा व अन्य कार्यक्रमो में बुलाया जाता है किंतु उनकी मांगों पर कार्यवाही नही की जाती है। उन्होंने मांग की कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रेजएटी का भुगतान करने, राज्य कर्मचारी घोषित करने, 26 हजार न्यूनतम वेतन करने, स्वास्थ्य बीमा करने सहित, पेंशन का प्रावधान करने, सभी मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण केंद्र का दर्जा देने, विभाग में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती करने, आंगनबाड़ी मसूरी का सर्कल मसुरी में ही बनाने ताकि मसूरी की आंगनवाड़ी को आने जाने व समान की ढूलाई देहरादून से न करनी पड़े। वहीं स्मार्ट फोन अच्छी क्वालटी का देने व रिचार्ज का भुगतान करने आदि मांगों को पूरा करने की मांग की गई ।

इस अवसर पर ई रिक्शा वर्कर्स यूनियन के संयोजक सुंदर थापा ने ई रिक्शो वर्करों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई, रेहडी पटरी व फाड़ व्यवसायियों का उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई । 

इस अवसर पर सभी यूनियनों ने मांग पत्र मजिस्ट्रेट हरी गिरी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा । 

प्रदर्शनकारियों में सीटू के जिला अध्यक्ष कृष्ण गुनियाल, भगवंत पयाल, रविन्द्र नौढियाल, एस.एस.नेगी, मामचंद, आंगन वाड़ी से चित्रकाला, रेखा नेगी, सुनीता रावत, लक्ष्मी पन्त, रजनी गुलेरिया, मनीषा, किरण, सौभाग्य वती, नीलम, आशा गुरंग, विभा सिंह, झूमा देवी, मालती, रेखा आशा यूनियन से कलावती चन्दोला, सिमा सरिता, अनिता, लक्ष्मी नेगी, साक्षी, कीर्ति, यशोदा, नीलम, लोकेश देवी, मधु, नीरू, लता, अनुराधा, अंजली, नीरज, रीता, सुनीता, राधा, पिंकी सौलंकी, भुवनेश्वरी, देवेश्वरी भोजन माता यूनियन से मोनिका, सुनीता, बबिता, ई रिक्शा वर्कर्स यूनियन से सोनू कुमार, बिलाल सहित सैकड़ों की संख्या में सीटू के कार्यकर्ता सम्मिलित रहे। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने 16 फरवरी 2024 को ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का ऐलान भी किया।        

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