June 16, 2024

हिमवंत कवि चंद्रकुवर बर्त्वाल की पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर याद किया

मसूरी। चंद्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान मसूरी शाखा द्वारा मालरोड स्थित  हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला सहित विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

इस मौके पर उत्तराखंड शोध संस्थान मसूरी शाखा के अध्यक्ष शूरवीर सिंह भंडारी ने कहा कि यह चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 76 वीं पुण्य तिथि है। वह पहाड़ के कालीदास व पश्चिम के कीटस व सैली है। उन्होने पहाड पर सात सौ कविताएं लिखी जिस कारण उन्हें हिमवंत कवि कहा जाता है। अप्रितम कवि कहा जाता है। इस मौके पर उन्होंने डा. योगबंर सिंह बर्त्वाल, ओपी द्विवेदी, शंभू प्रसाद बहुगुणा, बुद्धि बल्लभ थपलियाल को विशेष रूप से याद किया, जिन्होंने उनके काव्य संसार को आगे बढाया। उन्होंने हिंदी साहित्य को इतना धन दिया जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने बहुत कम समय में विराट साहित्य का सृजन किया व अब प्राथमिक से लेकर डिग्री कालेजों तक चंद्रकुवर बर्त्वाल की कविताओं को पाठ्यक्रम में शामिल करवाने का कार्य संस्थान ने किया है। उनकी पीठ भी बनाई जानी थी, लेकिन अभी तक नहीं बनी इसका प्रयास किया जायेगा। वहीं उन्होंने हिंदी को बढावा देने के लिए प्रयास करने व सरकार को इस ओर ध्यान देने की भी बात कही।

इस मौके पर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड के महान कवि थे। उन्हें याद किया जाना चाहिए, ताकि उनकी रचनाओं से सीख मिल सके। उन्होंने हिंदी पर कहा कि अधिक से अधिक हिंदी में सरकारी कार्य होने चाहिए,ताकि हिंदी को आगे बढाने का अवसर मिल सके।

इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि चंद्रकुवर बर्त्वाल का साहित्य मार्मिक व प्रकृति से ओतप्रोत होने के साथ ही आम जन से जुड़े है। इस मौके पर उन्होंने डा. योगबंर बर्त्वाल को भी याद किया कि उन्होंने चंद्रकुवर बर्त्वाल की रचनाओं को आम जन तक पहुचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की जननी संस्कृत है, लेकिन आज हिंदी दिवस को बडे स्तर पर मनाना चाहिए ताकि वह आगे बढ सके। सरकारी विभागों में हिंदी का कोष बना है लेकिन वह अभी तक प्रचलन में नहीं आयी। जरूरत इस बात की है कि देश के स्तर पर हिंदी दिवस बडे स्तर पर मनाना चाहिए।

इस मौके पर हिमालयन साहसिक संस्थान के अध्यक्ष एसपी चमोली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता,सीपीआई नेता देवी गोदियाल, इतिहासकार जय प्रकाश उत्तराखंडी, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, नरेंद्र पडियार, अनमोल जैन, प्रवीण पंवार, बिजेंद्र पुंडीर, धमेद्र धाकड़, उपेद्र लेखवार, प्रवीण पंवार, नरेश नौटियाल, अजीत कुमार, प्रकाश राणा, राजेंद्र रावत, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंत में हाल की में दिवंगत हुए चंद्रकुवंर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष योगंबर बर्त्वाल को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।

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