June 16, 2024

आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की बीना रावत अध्यक्ष व सुनीता सेमवाल महामंत्री चुनी गई

मसूरी। कैमल बेक रोड स्थित सीटू कार्यालय में आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन(सम्बद्ध सीटू) का सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें बीना रावत को अध्यक्ष व सुनीता सेमवाल को महामंत्री चुना गया। इस मौके पर स्वास्थ्य कार्यकत्रियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई व 5 अप्रैल को मोदी सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ दिल्ली रैली में बढ़चढकर भागीदारी करने का आहवान किया गया ।

सीटू कार्यालय में आयोजित सम्मेलन में जिला महामंत्री एवं प्रंतीय सचिव लेखराज की मौजूदगी में मसूरी इकाई के स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे बीना रावत अध्यक्ष, सुनीता सेमवाल महामन्त्री, उपाध्यक्ष संगीता भंडारी, गुड्डी, सचिव सुधा भंडारी, रीना देवी, कोषाध्यक्ष रामप्यारी, कार्यकारणी सदस्यों में संगीता लेखवार, सीमा, सीमा सिंह, सुनीता तेलवाल, राजेश्वरी डोभाल को चुना गया।

इस अवसर पर जिला महामंत्री सीटू ने तमाम ट्रेड यूनियनों की दिल्ली रैली में भागीदारी को लेकर श्रमिको का आह्वान किया। लेखराज ने कहा कि मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ पांच अप्रैल को दिल्ली की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ेगा, जिसमे तमाम श्रमिको की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मजदूरों के शोषण के लिए श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिता बनाई गई हैं। जो कि पूर्ण रूप से पूंजीपतियों व मालिकों के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि आज मजदूर वर्ग पर सरकार की ओर से हमला किया जा रहा है। इसका मजदूर वर्ग मुंह तोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धामी सरकार की ओर से श्रम संहिताएं लागू कर दी गई हैं। इसके तहत 12 घंटे काम व कार्यस्थल पर मजदूर की मौत के बाद किसी भी सूरत में मालिक की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है, जो कि पूर्ण रूप से मालिकों के पक्ष में है।

लेखराज ने कहा कि यह सरकार मजदूर विरोधी ही नहीं, किसान विरोधी भी है। किसानों के आंदोलन के पश्चात तय किया गया था कि एमएसपी पर कानून बनाया जाएगा। इसके बावजूद एमएसपी पर कानून बनाने की बात दूर की कौड़ी साबित हुई। इससे किसानों की फसल का लागत मूल्य भी नही मिल पा रहा है। किसान भी दिल्ली की सड़कों पर पांच अप्रैल को मजदूरों के साथ हुंकार भरेंगे।

इस अवसर पर उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि आशा यूनियन भी दिल्ली रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी। उन्होंने आशाओं की समस्याओं को महानिदेशक स्वास्थ्य के समक्ष रखने का आश्वासन मसूरी की आशाओं को दिया। साथ ही उन्होंने धामी सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकने का ऐलान किया।

इस अवसर पर सीटू के मसूरी अध्यक्ष सोबन सिंह पंवार ने कहा कि आजादी के समय से मसूरी मजदूर यूनियनों का गढ़ रहा है। यहां के होटल मजदूर, आशा, आंगनवाड़ी, भोजन माताएं सभी एकजुट हैं और श्रम विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने को उत्सुक है। सभी पांच अप्रैल को दिल्ली रैली में बढ़-चढ़कर के हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि मसूरी में मजदूरों का शोषण बदस्तूर जारी है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद मजदूरों का शोषण और अधिक बढ़ गया है। मजदूरों को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।

इस मौके पर स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की प्रांतीय उपाध्यक्ष कलावती चंदोला, मसूरी आंगनवाड़ी यूनियन की महामन्त्री ममता, होटल एवं रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के महामंत्री विक्रम बलूड़ी आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

इस मौके पर रीना सिंह, शैल यहुना, आरती, पुष्पा, वैजयंती, यशोदा रावत, प्रतिमा, लवली देवी, शिक्षा डोभाल, सुलोचना गोदियाल, उषा भट्ट, सुनीता, वंदना रावत, कुसुम तोमर, रेनू बाला, शमीम बानो, निखित आदि बड़ी संख्या में आशाएं उपस्तिथ थीं।

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