करोड़ों के जमीन घोटाले को दबाने व जनता को गुमराह करने के लिए लगाये जा रहे वित्तीय अनियमितता के आरोप: अनुज गुप्ता
मसूरी: पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने उन पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपो पर स्पष्ट किया है कि उन पर जो आरोप लगाये जा रहे हैं वह वर्तमान में नगर पालिका द्वारा करोड़ों के जमीन घोटाले को दबाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं. ताकि जनता का ध्यान उस घोटाले से हट जाय. उन्होंने कहा ऐसा करके द्वेषपूर्ण भावना से उनकी छवी को धूमिल करने के प्रयास किये जा रहे हैं. वे इन आरोपों का पूरी तरह खंडन करते है.
पत्रकारों से बातचीत में पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि कोविड के दौरान जो भी छूट रोपवे व कोल्हूखेत बैरियर को दी गई थी वह उत्तराखंड शासन ने दी थी, उसमें उनका या बोर्ड का कोई लेना देना है. उन्होंने कहा कि छूट को देने के लिए शासन द्वारा एक कमेटी का गठन किया था. कमेटी की संस्तुति पर ही शासन ने छूट दी थी.

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, मसूरी
अनुज गुप्ता ने कहा कि उन पर आरोप लगाकर करोड़ों के जमीन घोटाले को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जनता को गुमराह कर सके और मेरी आवाज को दबाया जा सके. उन्होंने कहा कि वर्तमान बोर्ड में जिस तरीके से मात्र डेढ सौ दिन में करोड़ो रूपये के जमीन के घोटाले किए जा रहे है, उसे छिपाने के लिए उनकी आवाज को दबाने के लिए मन गढंत कहानी बनायी जा रही है. इस तरह मेरी छवी को धूमिल करने के प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जितनी भी छूट रोपवे व ईको टैक्स को दी गयी है उसमे सम्बंधित पक्षकारों द्वारा हाई कोर्ट से एनओसी लेने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर छूट मिली हुई है. उन्होंने कहा कि अगर पालिका इस तरह के झूठे आरोप लगायेगी, मेरी छवि को धूमिल करने के प्रयास किये जायेगे, तो वे हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि उन पर आठ करोड तो क्या आठ रूपये का भी अनियमितता कोई भी सिद्ध नहीं कर सकता है. इस तरह के आरोपों पर वह कई बार कह चुके है कि वे हर जांच के लिए हमेशा तैयार है. जो भी कार्रवाई हुई वह नियमों के अनुसार हुई है. उन्होंने कहा कि द्वेषपूर्ण भावना के कारण यदि कोई भी नोटिस आयेगा, तो उसका जबाव दिया जायेगा.
