March 4, 2024

सीआईटीयू ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से पीएम को भेजा सात सूत्रीय हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र, मांगे नहीं मानी तो संघर्ष होगा तेज

देहरादून। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सात सूत्रीय मांगो को लेकर रैली निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर सीआईटीयू कार्यकर्ताओं ने धामी सरकार व मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सात सूत्रीय हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र प्रेषित किया। इस मौके पर श्रमिकों और किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।

मंगलवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में संगठन के जिला कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां से सभी जिला अध्यक्ष कृष्ण गुनियाल व महामंत्री लेखराज के नेतृत्व में रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां रैली सभाएं तब्दील हो गई। इस मौके पर सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कॉरपोरेट परस्त सरकार है, जो मजदूर, किसान विरोधी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उसी तर्ज पर धामी सरकार भी रेहड़ी पटरी व्यवसायियों का उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दोनो सरकारों को जनता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त किया जा रहा है, जिसके बदले चार श्रम संहिताओं को लागू करने जा रही है। हालांकि मोदी सरकार ने सीटू और अन्य ट्रेड यूनियनों के दबाव में ये श्रम संहिताएं अभी लागू नही की हैं। लेकिन यह सरकार अगर दोबारा आती है तो यह श्रम संहिताएं लागू कर दी जाएंगी और भाजपा सरकार द्वारा मजदूर किसान का व्यापक स्तर पर दमन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम लगातार सरकार से पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने, बढ़ती मंहगाई पर रोक लगाने, श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 26000 करने, स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, रेलवे और बिजली का निजीकरण रोकने, ठेका व आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, ई रिक्शा और रेहड़ी,पटरी व्यवसायियों का उत्पीड़न बंद करने आदि मांगे कर रहे हैं, लेकिन इस निकम्मी सरकार को मजदूर किसान के नाम सांप सूंघ जाता है। उन्होंने सीटू कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि मजदूर किसान की तमाम मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज किया जाय।

इस मौके पर सीटू के मसूरी नगर अध्यक्ष भगवान सिंह चौहान ने मोदी सरकार को आगाह करते हुए कहा कि जब जब आप मजदूर किसान और आम जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक जहर घोलने का काम करते रहेंगे, लेकिन तब तब हम आपको हमेशा की तरह जनता के मुद्दे याद दिलाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मजदूर किसान को राजनीतिक रूप से जागरूक होने की जरूरत है। राजनीतिक जागरूकता की कमी के कारण ही मोदी सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है और धार्मिक एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमे समझना होगा कि अपनी मांगों को मनवाना है तो मजदूर और किसान में राजनीतिक चेतना जरूरी है।

इस मौके पर ई रिक्शा वर्कर्स यूनियन के संयोजक सुंदर थापा रिक्शा श्रमिकों व पटरी व्यवसाई के उत्पीड़न को लेकर धामी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार रिक्शा श्रमिको और पटरी व्यापारी का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से तत्काल उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की।

सभा को रेहड़ी पटरी फड़ व्यवसाई संगठन के संयोजक अनंत आकाश, ऑल इंडिया लायर्स यूनियन के अध्यक्ष संभू ममगाई, आशा यूनियन की जिला अध्यक्षा सुनीता चौहान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका यूनियन की जिलाध्यक्ष रजनी गुलेरिया आदि ने भी संबोधित किया।

अंत में सभा को सीटू के जिलाध्यक्ष कृष्ण गुनियाल ने संबोधित किया व कहा कि देश की सत्ता में काबिज मोदी सरकार एक कारपोरेट परस्त सरकार है, जो अपने पूंजीपति मित्रों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को मजदूरों और किसानों से कोई लेनादेना नही है। कृष्ण गुनियाल ने कहा कि भाजपा और उसकी सरकारें पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने और समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। और मजदूर किसान की आवाज को दबाया जा रहा है। अदानी अंबानी के लिए सारे सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है। जिससे रोजगार घट रहे हैं और युवा बेरोजगार घूम रहा है। उन्होंने कहा कि सीटू द्वारा मजदूर किसान और आम जनता इन्हीं मुद्दों को लेकर 11 जनवरी को कामरेड नागेंद्र सकलानी की शहादत दिवस से मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सात सूत्रीय मांगपत्र युक्त हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और उस हजारों हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र को आज सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी को प्रेषित किया गया है। उन्होंने सीटू से संबद्ध तमाम यूनियनों से जुड़े कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अपने मुद्दों को लेकर सचेत रहें और सरकार को चुनते समय अपनी समस्याओं को दिमाग में रखें। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट की सरकार कभी भी मजदूर और किसान की हितैषी नही हो सकती है। उन्होंने कहा कि मजदूर किसान के पास यूनियन ही लड़ाई का हथियार है, जिससे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ सकता है। इसलिए अपने अपने संगठनों को और मजबूत करें और एकजुट रहे।

इस मौके पर सीटू के जिला उपाध्यक्ष भगवंत पायल, रविंद्र नौडियाल होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के महासचिव विक्रम बलूदी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका यूनियन मसूरी की महासचिव ममता राव, बलवंत नेगी, महिपाल रावत, नवीन तोमर, आजम खान, सुबोध कुमार सोनू कुमार, सुभम सेमवाल, ममता नेगी , रमेशचंद, सहित भारी संख्या में सीटू से जुड़े यूनियनों श्रमिक मौजूद रहे।

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