March 4, 2024

गौनियाल ने चिंतन शिविर पर लगाया प्रश्न चिन्ह, कहा- आलीशान कमरों में बैठकर तय नहीं होगी पहाड़ की दशा और दिशा

मसूरी। समाजसेवी मनीष गौनियाल ने एलबीएस अकादमी में आयोजित भाजपा सरकार के तीन दिवसीय चिंतन शिविर पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि पहाड़ की दशा और दिशा आलीशान कमरों में बैठकर तय नहीं होगी, बल्कि इसके लिए धरातल पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर से राज्य को कुछ हासिल होने वाला नही है, इससे केवल जनता के धन का दुरूपयोग किया गया है।

कुलडी स्थिति एक होटल के सभागार में पत्रकार वार्ता में मनीष गौनियाल ने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा पलायन है। पहाड़ में गाँव के गाँव खाली हो रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक इसके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन जल, जंगल और जमीन को लेकर किया गया था, लेकिन सरकारों की उदासीनता के चलते उत्तराखंड के शहीदों के सपने आज भी अधूरे हैं। धरातल पर कोई कार्य नहीं हो रहा है और पहाडों में आज भी स्वास्थ्य, सड़क, पानी की समस्यायें जस की तस बनी हुई है। यदि मसूरी की ही बात की जाय तो यहाँ का उप जिला चिकित्सालय अब भी रेफर सेंटर बना हुआ है और छोटी बड़ी बिमारी में भी मरीज को देहरादून के अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है। गौनियाल ने कहा कि राजधानी के बिलकुल निकट होने के बाद भी मसूरी-देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के निकट गिर रहे मलबे और पत्थर का अब तक ट्रीटमेंट नही हो पाया है। जिससे मसूरी विधायक व कबीना मंत्री गणेश जोशी पर सवाल खड़े होते हैं। इस दौरान गौनियाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भाजपा सरकार से मिली हुई है और उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रही है। जिससे कि उसकी मंशा साफ जाहिर होती है।

इस मौके पर दिनेश रमोला, अनिल रावत, कीर्ति कंडारी, सागर उनियाल, रवि उनियाल, रूद्री सेमवाल, विजय, आनंद भंडारी व कुवंर सिंह आदि मौजूद रहे।

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